मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

समता का अधिकार -२

अब आगे मैं आपको बता रही हूँ कि ये अधिकार भारत के नागरिकों व् अनागरिकों दोनों को प्राप्त है. इस प्रकार भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह भारत का नागरिक हो या नहीं ,समान विधि के अधीन होगा और उसे विधि का समान संरक्षण प्रदान किया जायेगा.इसके विपरीत अनु.१५,१६,१७,१८ आदि के उपबंधों का लाभ केवल''नागरिकों ''को प्राप्त है.साथ ही इसके अंतर्गत विधिक व्यक्ति भी सम्मिलित हैं.चिरंजीत लाल बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अनु.१४ में प्रयुक्त ''व्यक्ति ''शब्द के अंतर्गत विधिक व्यक्ति भी सम्मिलित है.अतः एक निगम जो कि ''विधिक व्यक्ति''है को भी विधि के समक्ष समता का अधिकार उपलब्ध है.
नैसर्गिक न्याय का सिद्धांत अनु.१४ में निहित है-
      अपने एतिहासिक महत्व के निर्णय ''सेंट्रल इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन  बनाम ब्रजोनाथ गांगुली में उच्चतम न्यायलय ने कहा-''कोई सेवा नियम जो स्थाई कर्मचारियों को बिना कारण बताये ३ माह की नोटिस या उसके बदले में ३ माह का वेतन देकर सेवा समाप्ति की शक्ति प्रदान करता है वह संविदा अधिनियम की धारा २३ के अधीन लोकनीति[PUBLIC POLICY ]के विरुद्ध होने के कारण तथा विवेक शून्य और मनमानी शक्ति प्रदान करने के कारण अनु.१४ का उल्लंघन करता है अतः अवैध है.
मनमाने कार्य से नागरिक की क्षति -राज्य नुकसानी के लिए दाई 
  लखनऊ विकास प्राधिकारी बनाम ए.के.गुप्ता के महत्वपूर्ण मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यदि राज्य द्वारा या उसके सेवकों द्वारा  मनमाने ढंग से कार्य करने से किसी नागरिक को कोई हानि पहुँचती है तो राज्य उसे नुकसानी देने के लिए दायी होगा.
बंद का आयोजन अवैध और असंवैधानिक है-
  भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी [मार्क्सवादी]बनाम भारत कुमार और अन्य के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा बंद का आयोजन करना असंवैधानिक और अवैध है .
समान कार्य के लिए समान वेतन 
   रंधीर सिंह बनाम भारत संघ के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा ''यद्धयपि  समान कार्य के लिए समान वेतन एक मूल अधिकार नहीं है किन्तु अनु.१४,१६,और ३९ग़ के अधीन निश्चित यह एक संवैधानिक लक्ष्य है और यदि दो व्यक्तियों के बीच इस मामले में विभेद किया जाता है जिसका कोई ठोस आधार नहीं है तो इससे अनु.१४ का अतिक्रमण होता है .

अनु.में बहुत कुछ है सभी कुछ मेरे जैसे अल्पज्ञानी आपको नहीं बता सकते हैं आप का यदि कोई प्रश्न है तो अवश्य पूछें मैं जहाँ तक संभव होगा आपके प्रश्न का उत्तर दूँगी.