बिक्री विलेख पंजीकरण के लिए क्रेता-विक्रेता दोनों की व्यक्तिगत मौजूदगी अनिवार्य नही-इलाहाबाद हाई कोर्ट
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि उत्तर प्रदेश में बिक्री विलेख (Sale Deed) के पंजीकरण के लिए क्रेता और विक्रेता दोनों की एक साथ व्यक्तिगत मौजूदगी अनिवार्य नहीं है。 अदालत ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में लागू पंजीकरण अधिनियम की धारा 32A केंद्रीय कानून से अलग है。 ⚫ निर्णय के पक्षकारों के नाम: यह ऐतिहासिक फैसला मीमांसा नांगिया एवं अन्य (क्रेता पक्ष) बनाम शिवानी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड (विक्रेता पक्ष) मामले में सुनाया गया。 ⚫ निर्णय से जुड़ी मुख्य बातें: ✒️ वैकल्पिक उपस्थिति : यदि क्रेता या विक्रेता अपनी शारीरिक उपस्थिति दर्ज कराने में असमर्थ हैं, तो दस्तावेज का निष्पादन और पंजीकरण फिर भी वैध होगा。 ✒️ अनिवार्य शर्त: यदि विक्रेता (या उनके कानूनी उत्तराधिकारी) संपत्ति को फ्रीहोल्ड (Freehold) में बदलने का अपना दायित्व पूरा करते हैं और क्रेता अपनी पूरी राशि देने के लिए तैयार रहता है, तो अदालत क्रेता के पक्ष में डिक्री (Specific Performance) लागू कर सकती है。 ⚫ पंजीकरण अधिनियम, 1908 ( Registration Act, 1908) की धारा 32-क (Section 32-A) के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री या किस...