सुप्रीम कोर्ट वकीलों से वर्चुअल माध्यम अपनाने की केवल अपील कर सकती है-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह वकीलों को केवल वर्चुअल (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) माध्यम से सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि वह केवल बार के सदस्यों से अपील कर सकती है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण पैदा हुए ईंधन संकट को देखते हुए अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम अपनाएं। अदालत ने अपने आदेश में कहा, “ याचिकाकर्ता की पहल की सराहना करते हैं। लेकिन यह उचित नहीं होगा कि सदस्यों की कठिनाइयों को जाने बिना उन्हें ऑनलाइन उपस्थित होने का न्यायिक आदेश दिया जाए। इसलिए हम कोई निर्देश जारी नहीं कर रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर बार के सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की गंभीर अपील करते हैं।” चीफ जस्टिस ने स्पष्ट कहा कि अदालत वर्चुअल सुनवाई के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं देने को तैयार है लेकिन इसे अनिवार्य नहीं बना सकती। उन्होंने कहा, “ यह अदालत का आदेश नहीं है। हमने केवल प्रशासनिक परिपत्र जारी कर बार के सदस्यों से घर से वर्चुअल माध्यम से जुड़ने का अनुरोध किया है। लेकिन हम ऐसा प्रतिबंध लागू नहीं कर सकते।” कोर्ट ने यह भी कहा कि ...