वैवाहिक विवादों में पाक्सो ऐक्ट का दुरुपयोग वैवाहिक मुकदमों का बदसूरत पहलू - सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में पति और उसके परिवार को फंसाने के लिए पॉक्सो (POCSO) एक्ट का दुरुपयोग करने की बढ़ती प्रवृत्ति को "वैवाहिक मुकदमों का बदसूरत पहलू" (Uglier Side Of Matrimonial Litigation) करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कई मामलों में नाबालिग बच्चों, विशेषकर बेटियों, का इस्तेमाल प्रतिशोध लेने, अधिक आर्थिक समझौता हासिल करने या दूसरे पक्ष पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है। बच्चों का इस्तेमाल प्रतिशोध लेने या दबाव बनाने के हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। ➡️ केस की डिटेल्स और पार्टी का विवरण (Case Details): ⚫ केस का नाम : ईश्वर चंद शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (Ishwar Chand Sharma vs State Of U.P.) ⚫ फैसले की तारीख: 29 मई 2026 ⚫ बेंच: जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां ⚫ पार्टियां (Parties Involved): ✒️ अपीलकर्ता (Appellants / आरोपी): ईश्वर चंद शर्मा (पति) और उनके परिवार के सदस्य ✒️ प्रतिवादी (Respondents): उत्तर प्रदेश राज्य और उनकी पत्नी (शिकायतकर्ता) ⚫ मामले के मुख्य बिंदु: पत्नी ने अपने पति और ससुराल वालों पर अपनी 14 वर्षीय नाबाल...