बच्चों समेत सभी को इन्टरनेट इस्तेमाल का मौलिक अधिकार-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अक्टूबर 2026 के एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि इंटरनेट तक पहुंच और उसका इस्तेमाल करना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(a) (वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) के तहत हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि इंटरनेट तक पहुंच और उसके इस्तेमाल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस अधिकार में बच्चे भी शामिल हैं और उनकी उम्र चाहे जो भी हो, उन्हें इससे पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें • बच्चों का अधिकार: अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मौलिक अधिकार बच्चों को भी समान रूप से प्राप्त है। केवल उम्र के आधार पर इंटरनेट के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई जा सकती। • पीठ (Bench): यह महत्वपूर्ण फैसला न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति विनोद के. चंद्रन की पीठ ने सुनाया है। • इंटरनेट शटडाउन पर रोक: अदालत ने यह भी कहा है कि जब तक कानूनी रूप...