वसीयत अनुकम्पा नियुक्ति का आधार नहीं-इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मृत सरकारी कर्मचारी की वसीयत (विल) के आधार पर नहीं दिया जा सकता। हाइकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश मृतक आश्रित नियम, 1974 के तहत अनुकंपा नियुक्ति का आधार केवल यह होता है कि आवेदक मृतक कर्मचारी पर वास्तव में निर्भर था या नहीं, न कि यह कि वसीयत किसके पक्ष में बनाई गई । जस्टिस मनीष माथुर ने अपने फैसले में कहा कि नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत मृतक की वसीयत के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता तय की जाए। पंजीकृत वसीयत का अनुकंपा नियुक्ति से कोई संबंध नहीं है। इस प्रकार की नियुक्ति का उद्देश्य मृतक कर्मचारी के परिवार को आर्थिक संकट से उबारना होता है और इसके लिए यह देखा जाना आवश्यक है कि आवेदक वास्तव में मृतक पर निर्भर था या नहीं। साथ ही यह भी जरूरी है कि नियुक्ति से विधवा और नाबालिग बच्चों सहित पूरे परिवार का हित सुरक्षित हो। मामले में याचिकाकर्ता ने अपने भाई की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग की थी। उसका कहना था कि मृतक की पत्नी उससे अलग रह रही थी और वह स्वयं अपने भाई की देखभाल करता था। याच...