ऐसा पति अग्रिम जमानत का हकदार नहीं - सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा के आरोपी एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि पति अपनी पत्नी के साथ जानवरों जैसा व्यवहार नहीं कर सकता और उसे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। आरोप गंभीर हैं, इसलिए आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। मामले में आरोप है कि आरोपी पति ने शराब के नशे में अपनी पहली पत्नी के साथ मारपीट की। उसने पत्नी को जमीन पर फेंक दिया, जिससे उसका सिर ईंट से टकरा गया,उसके बाद पति ने लाठी से हमला किया। अभियोजन का यह भी कहना है कि आरोपी ने तीन शादियां की हैं और पहली पत्नी को कोई खर्च भी नहीं दिया। हालांकि, आरोपी ने शिकायतकर्ता से शादी होने से ही इनकार किया है। पटना हाईकोर्ट ने पहले ही आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि आरोपी ने तीन विवाह किए हैं और पहली पत्नी के साथ मारपीट करने के बाद भी उसका भरण-पोषण नहीं किया। सुप्रीम को...