नाबालिग की संपत्ति और कानून की दृष्टि
आज तक आपने यह जाना है कि दादा लाई संपत्ति में बच्चे का जन्म से ही अधिकार पैदा हो जाता है. आज आप जान सकते हैं वह अधिकार जो बच्चे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी है. ये जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि जन्म लेते ही बच्चा अपनी संपत्ति की देखभाल नहीं कर सकता. बच्चे के जन्म लेने के बाद उसकी, उसकी संपत्ति की सुरक्षा उसके माता पिता करते हैं, दादा दादी करते हैं और बहुत सी स्थितियों में उसके अभिभावक या कानूनी संरक्षक करते हैं. ➡️ नाबालिग की संपत्ति बेचने का अधिकार - दादा की ज़मीन पर नाबालिग बच्चों की संपत्ति हो जाती है. जिसे नाबालिग के बालिग होने तक उसके माता पिता, दादा दादी, अभिभावक या कानूनी संरक्षक की सुरक्षा में रखा जाता है,किन्तु बहुत सी विपरीत परिस्थितियों में उस सम्पति को बेचने की आवश्यकता आन पड़ती है तब कानूनन रूप से कोर्ट की अनुमति लेनी होती है. बिना कोर्ट की अनुमति बेची गई संपत्ति का सौदा अमान्य हो सकता है. ➡️ नाबालिग की संपत्ति पर लागू कानून: 🌑 कोई माता पिता, दादा दादी, अभिभावक या कानूनी संरक्षक न्यायालय की पू...