अब सी एम योगी का एक्शन ई रिक्शा और ऑटों पर
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन के मुख्य साधन के रूप में अपनाए जा रहे ई रिक्शा और ऑटों जाम के मुख्य घटक बन चुके हैं जिसके कारण सड़कों की व्यवस्था बिगड़ चुकी है, इसलिए अब उत्तर प्रदेश सरकार अब इनके खिलाफ एक्शन मोड में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी के आदेश पर अब अप्रैल माह में इनके द्वारा फैलाई गई अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया गया है , जिसमें चार हजार से ज्यादा ई रिक्शा और ऑटों पर पहले ही दिन एक्शन लिया जा चुका है.
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान शुरू हो गया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सड़कों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है. अनधिकृत रूप से संचालित होने वाले ई-रिक्शा और ऑटो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एक साथ अभियान चलाया गया. जो अनधिकृत ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ था. इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने सभी पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं.
अभियान के पहले दिन मंगलवार 1 अप्रैल 2025 को प्रदेश में 915 ई-रिक्शा सीज किए गए और 3035 का चालान किया गया. इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. परिवहन मुख्यालय से मॉनिटरिंग के साथ साथ पूरे अभियान को 30 अप्रैल तक चलाने का निर्णय लिया गया है.
योगी सरकार के निर्देशानुसार अभियान की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और जनपद स्तर पर भी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है ताकि यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित हो सके.
➡️ कार्रवाई की जद में आए प्रमुख शहरों के ई रिक्शा और ऑटों -
प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) एवं अभियान के नोडल अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि अभियान के पहले ही दिन 1अप्रैल 2025 दिन मंगलवार शाम 5 बजे तक विभिन्न संभागों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई. गाजियाबाद संभाग में सबसे अधिक 381 ई-रिक्शा जब्त किए गए,जबकि आगरा संभाग - 363 ई-रिक्शा पर कार्रवाई हुई.
अन्य जिलों में हुई कार्रवाई का ब्यौरा निम्न लिखित है - 🌑लखनऊ संभाग – 200 ई-रिक्शा
🌑झांसी संभाग – 199 ई-रिक्शा
🌑सहारनपुर संभाग – 171 ई-रिक्शा
🌑मिर्जापुर संभाग – 165 ई-रिक्शा
🌑वाराणसी संभाग – 164 ई-रिक्शा
🌑प्रयागराज संभाग – 136 ई-रिक्शा
➡️अभियान की जद में -
अभियान की जद में मुख्यतः वे ई रिक्शा और ऑटों हैं जो कि अनधिकृत एवं बिना पंजीकरण वाले हैं. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन ई-रिक्शा एवं ऑटो का संचालन रोका जा रहा है जो कि सङकों पर अनधिकृत रूप से चल रहे हैं और जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है. इसके साथ ही, उन वाहन चालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है जो ट्रेफिक के नियमों का उल्लंघन कर यातायात व्यवस्था को धक्का पहुंचा रहे हैं.
➡️अभियान का मुख्य उद्देश्य-
ई रिक्शा और ऑटों ने आज यू पी में यातायात व्यवस्था की बखिया उधेड़ कर रख दी हैं. सड़कों पर कहीं भी वाहनों के मध्य जगह होने पर ये तेजी से उनके बीच में प्रवेश कर जाते हैं और बड़ी गाडियों के आगे बढ़ने का रास्ता बंद कर देते हैं ऐसे में जाम की समस्या ऐसी खड़ी हो जाती है कि दस मिनट का रास्ता 2 घण्टे से पहले पार करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सड़कों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है. अनधिकृत रूप से संचालित होने वाले ई-रिक्शा और ऑटो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं. अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है.
➡️अभियान की मॉनिटरिंग-
उत्तर प्रदेश के परिवहन मुख्यालय से इस पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश के साथ साथ हर जिले में अधिकारियों को सख्ती से निबटने के निर्देश भी दिए गए हैं. प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं. परिवहन विभाग इस अभियान की सफलता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
➡️ 30 अप्रैल से आगे भी बढ़ सकता है अभियान-
अभी यह विशेष अभियान 30 अप्रैल तक प्रदेशभर में चलाये जाने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान परिवहन विभाग को और पुलिस विभाग को मिलकर अनधिकृत ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए हैं,किन्तु यदि इतने समय में भी व्यवस्था नहीं संभलती है और आवश्यकता पड़ती है तो अभियान की अवधि को और आगे भी बढ़ाया जा सकता है. प्रदेश सरकार यातायात व्यवस्था को काबू करने के लिए प्रतिबद्ध है और अपनी इस प्रतिबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि यातायात नियमों के उल्लंघन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बिना अनुमति व पंजीकरण के संचालित होने वाले सभी वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
प्रस्तुति
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)
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