सड़क सुरक्षा माह -सीट बेल्ट चालान और गुड सेमेरिटन स्कीम

 




भारत में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह/सप्ताह 2026, 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य यातायात नियमों, जैसे हेलमेट/सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग और नशे में वाहन न चलाने के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह राष्ट्रीय अभियान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। 

➡️ सड़क सुरक्षा माह 2026 के प्रमुख विवरण:

✒️ अवधि: 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक (राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह)।

✒️ मुख्य विषय (Theme): "सीख से सुरक्षा" (Learning to Safety)। अन्य संदर्भों में, 2026 के लिए “परवाह से कर्तव्य तक” (From Care to Duty) और "सड़क सुरक्षा नायक" (Road Safety Heroes) भी शामिल हैं।

✒️ उद्देश्य: ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, हेलमेट/सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, और नशे में वाहन न चलाने के बारे में जागरूकता बढ़ाना।

✒️ गतिविधियाँ: जागरूकता रथ, सड़क सुरक्षा प्रतिज्ञा, पोस्टर/स्लोगन प्रतियोगिताएं, और वाहन निरीक्षण अभियान। 

➡️ सड़क सुरक्षा के 10 आवश्यक सुझाव: 

1️⃣ गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें।

2️⃣ हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट पहनें।

3️⃣ ओवरस्पीडिंग (तेज गति) से बचें।

4️⃣ शराब पीकर गाड़ी न चलाएं।

5️⃣ यातायात संकेतों का पालन करें।

6️⃣ पैदल चलने वालों का सम्मान करें।

7️⃣ वाहन की नियमित चेकिंग कराएं।

8️⃣ लेन अनुशासन बनाए रखें।

9️⃣ ओवरटेकिंग करते समय सावधानी बरतें।

1️⃣0️⃣ हमेशा सतर्क और चौकन्ना रहें। 

यह माह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा केवल जनवरी के लिए नहीं, बल्कि हर दिन के लिए है।

➡️ सड़क सुरक्षा माह में मुख्य ध्यान -

भारत में कार चलाते समय या आगे की सीट पर बैठने पर सीट बेल्ट न लगाने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194B के तहत ₹1,000 का जुर्माना (चालान) लगता है। यह नियम 2019 के संशोधन के बाद से बहुत सख्त है, जो ड्राइवर और यात्री दोनों पर लागू होता है, और अब पीछे की सीट पर भी बेल्ट लगाना अनिवार्य है। 

➡️ सीट बेल्ट के चालान से संबंधित मुख्य जानकारी:

✒️ जुर्माने की राशि: ₹1,000 (पहले यह ₹100 थी)।

✒️ नियम (धारा 194B): गाड़ी चलाते समय या आगे/पीछे की सीट पर बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य है।

✒️ डिजिटल चालान: अब कैमरों के माध्यम से डिजिटल रूप से सीट बेल्ट न लगाने का चालान (e-challan) कटता है।

➡️ नियम के अन्य पहलू:

1️⃣ टैक्सी या कैब में भी यात्रियों के लिए बेल्ट जरूरी है।

2️⃣ यह नियम केवल 4-पहिया वाहनों पर लागू होता है।

3️⃣ गलत चालान (जैसे बाइक पर बेल्ट का चालान) की स्थिति में आप ट्रैफिक विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 

4️⃣ सड़क सुरक्षा और जुर्माने से बचने के लिए हमेशा सीट बेल्ट का उपयोग करें।

➡️ भारत में सड़क सुरक्षा सहायता योजनाएँ:

🌑 कैशलेस उपचार: सड़क दुर्घटना पीड़ित मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) के माध्यम से वित्त पोषित सभी प्रकार की सड़कों पर सात दिनों के लिए 1.5 लाख रुपये तक के मुफ्त चिकित्सा उपचार के लिए पात्र हैं।

🌑 गुड सेमेरिटन स्कीम (राह-वीर): यह दर्शकों को गोल्डन ऑवर के दौरान दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसमें प्रति घटना 25,000 रुपये (वर्ष में पांच बार तक) का नकद इनाम और प्रशंसा प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।

🌑 यह मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, (MVAA) 2019 की धारा 134A के तहत कानूनी सुरक्षा भी प्रदान करता है, जो सहायकों को पुलिस या अस्पताल से संबंधित परेशानियों से बचाता है।

मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 134, दुर्घटना के मामले में वाहन चालक या प्रभारी व्यक्ति के कर्तव्यों का विवरण देती है। मुख्य कर्तव्यों में घायल को चिकित्सा सहायता दिलाना, पुलिस को सूचित करना और घटना का विवरण बीमाकर्ता को देना शामिल है । इन कर्तव्यों का पालन न करने पर सजा का प्रावधान है.

➡️ धारा 134 के अंतर्गत मुख्य कर्तव्य:

🌑 चिकित्सा सहायता: चालक को घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए तुरंत नजदीकी डॉक्टर या अस्पताल में चिकित्सीय सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए ।

🌑 पुलिस रिपोर्ट: घटना के 24 घंटे के भीतर नजदीकी पुलिस स्टेशन में जानकारी देना आवश्यक है।

🌑 बीमाकर्ता को सूचित करना: बीमा कंपनी को दुर्घटना की तारीख, स्थान, वाहन नंबर और हताहतों के बारे में सूचित करना आवश्यक है।

🌑 दंडात्मक कार्रवाई: धारा 187 के तहत इन कर्तव्यों का पालन न करने पर 6 महीने तक की जेल, जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। 

🌑 महत्वपूर्ण: 2019 के संशोधन के बाद, धारा 134A के तहत "नेक मददगार" (Good Samaritan) को, जो किसी दुर्घटना पीड़ित की मदद करते हैं, कानूनी रूप से सुरक्षा प्रदान की गई है.

प्रस्तुति 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली )

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