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U. P. Bar Council COP number of Advocate लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

2020 में COP नम्बर प्राप्त सभी अधिवक्ताओं की सूचनार्थ

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  बार कॉन्सिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश द्वारा 2020 में जिन अधिवक्ताओं को COP नंबर जारी किये गए हैं , वे सभी अधिवक्ता COP re-issue form जल्द से जल्द सभी वांछित डाक्यूमेंट्स के साथ बार कॉन्सिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पते पर या माननीय चेयरमेन सर के पते पर भेज दें, ताकि वे समय से COP re-issue प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकें और उन्हें विलम्ब शुल्क का भुगतान न करना पड़े. आपके COP कार्ड की एक्सपायरी date I-d कार्ड के पीछे लिखी है, आप वहां देखिये और निम्न फॉर्म के साथ निम्नलिखित डाक्यूमेंट्स संलग्न कर उपरोक्त पते पर भेज दीजिये 🙏🙏 🌑 *5 वकालत नामों की कॉपी *आधार कार्ड की कॉपी *250 रुपये का ड्राफ़्ट - BCUP CERTIFICATE AND PRACTICE VARIFICATION के नाम *हाई स्कूल से लेकर ENROLLMENT, COP की कॉपी तक के documents की कॉपी self attested  * तीन फोटो कोट एन्ड टाई में -2 फोटो फॉर्म पर चिपकाने हैँ - एक envelope में attach करना है फॉर्म पर.  * सभी signature full name के साथ, initial नहीं 🌑 वकालत नामों की फोटो कॉपी लगेंगी और 2021,2022,2023,2024,2025 की एक एक कॉपी लगेगी. द्वारा  शालिनी कौशिक ...

COP को लेकर बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण फैसले चेयरमैन श्री शिव किशोर गौड़ एडवोकेट जी के नेतृत्व में

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      बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश द्वारा नये रजिस्टर्ड अधिवक्ताओं के लिए COP फीस में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसे लेकर नये अधिवक्ताओं में चिंता और रोष है. इसे लेकर मैंने माननीय चेयरमेन बार काउंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश श्री शिव किशोर गौड़ एडवोकेट जी से वार्ता की, माननीय चेयरमैन सर से प्राप्त सूचना के अनुसार 1️⃣ नये अधिवक्ताओं के लिए COP नम्बर की फीस में बढ़ोतरी का मुख्य कारण ही उन्हें मेडिकल क्लेम, डेथ क्लेम जैसी सुविधाओं से फिर से जोड़ना है जिससे वे रजिस्ट्रेशन फीस में भारी कमी किये जाने पर वंचित हो गए थे.  इसके साथ ही  2️⃣ नये वकीलों को COP के आवेदन के लिए 1 साल का समय दे दिया गया है, अब नये वकील 1 साल में COP के लिए आवेदन कर सकते हैँ. और उन्हें  3️⃣ अपने COP आवेदन फॉर्म के साथ वकालत नामे की कॉपी लगाने की भी आवश्यकता नहीं है. ये सभी निर्णय अधिवक्ता हित के उत्तम प्रयास हैँ जो कि बार कॉन्सिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश द्वारा माननीय चेयरमैन श्री शिव किशोर गौड़ एडवोकेट जी के नेतृत्व में लिए जा रहे हैँ. इसके साथ ही चेयरमैन सर के इस उदार रुख को देखते हुए अधिवक्ताओं के उज्ज्वल भविष्य ...

COP लेना है, पर कैसे

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  🇨‌🇴‌🇵‌ लेना है तो ले लें     According to the information received from Honorable Chairman Bar Council of Uttar Pradesh Shri Shiv Kishore Gaur Advocate, under the new registration process, registered advocates will obtain the COP number in compliance the following procedure- 1️⃣- Declaration form - DD of ₹250 (which you can download for free from the official website of Bar Council of Uttar Pradesh.) 🌑 Documents (photocopy of all certificates from high school to enrollment) 🌑 Advocate ID and Certificate  🌑 AIBE Certificate *2 passport size photos (in coat and band) 2️⃣- Application form with DD of ₹ 14,500 and ₹ 500 for General and OBC category.  3️⃣- DD of ₹ 13,500 and ₹ 500 for SC/ST category. 4️⃣ New advocates can get a COP form free of cost by clicking on "Advocate details for COP "on the Interview section of the official website of Bar Council of Uttar Pradesh.       माननीय चेयरमैन बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश श्री शिव किशोर गौड़ एड...

उत्तर प्रदेश में वकीलों के लिए बन गए नये नियम

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( कब और कैसे कर सकेंगे अब वकालत उत्तर प्रदेश में )  बार कॉन्सिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश द्वारा वकीलों के लिए अदालतों में दाखिल किए जाने वाले वकालतनामे पर अपनी पंजीकरण संख्या (Registration Number) और सी.ओ.पी. नंबर (Certificate of Practice Number) लिखना अनिवार्य कर दिया गया है, और आदेश की प्रति सभी जनपद न्यायाधीश, बार एसोसिएशनों को भी प्रेषित की गई है. ➡️ वकालत के लिए रजिस्ट्रेशन और सी ओ पी कोर्ट में अनिवार्य- वकीलों में आपराधिक और फ़्रॉड किस्म के तत्वों की बढ़ती जा रही आवाजाही को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विधिज्ञ परिषद रजिस्ट्रेशन और सी ओ पी की कोर्ट में अनिवार्यता को लेकर और भी गंभीर हो गई है. बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश के सामने यह मुद्दा जोरो से सामने आ रहा है कि कई वकील अपने वकालतनामे पर इन दोनों महत्वपूर्ण जानकारियों को ही नहीं लिख रहे हैं, जबकि ऐसा करना कानूनी रूप से जरूरी है। इसलिए अब राज्य विधिज्ञ परिषद उत्तर प्रदेश ने वकालत नामों पर रजिस्ट्रेशन नम्बर और सी ओ पी नम्बर लिखना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है. आदेश का उद्देश्य अदालती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित कर...