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घुटने न टेके चुनाव आयोग .

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आयोग नहीं लगाएगा बैन, बेरोकटोक जारी रहेंगे चुनाव पूर्व सर्वेक्षण अनुच्छेद ३२४ के अंतर्गत निर्वाचनों का निरीक्षण ,निर्देशन और नियंत्रण करने के लिए निर्वाचन आयोग की स्थापना की गयी है .निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र निकाय है और संविधान इस बात को सुनिश्चित करता है कि यह उच्चतम और उच्च न्यायालय की भांति कार्यपालिका के बिना किसी हस्तक्षेप के स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से अपने कार्यों को सम्पादित कर सके .
अनुच्छेद ३२४ के अनुसार निर्वाचन आयोग के निम्नलिखित कार्य होंगे -
[१] -संसद तथा राज्य विधानमंडलों के निर्वाचन के लिए निर्वाचन नामावली और राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों का अधीक्षण ,निदेशन और नियंत्रण करना .
[२] -उक्त निर्वाचनों का सञ्चालन .
[३] -संसद तथा राज्य विधानमंडलों के निर्वाचन सम्बन्धी संदेहों और विवादों के निर्णय के लिए निर्वाचन अधिकरण की नियुक्ति करना .
[४] -संसद तथा राज्य विधानमंडलों के सदस्यों की अनहर्ताओं के प्रश्न पर राष्ट्रपति और राज्यपालों को परामर्श देना .
और ऐसा ही नहीं है चुनाव आयोग की चुनाव सम्बन्धी शक्तियां असीमित हैं मोहिंदर सिंह गिल बनाम मुख्य चुनाव आयोग ,ए.आई.आर.१९…

''उफ़ ये डी.जे.''

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मृत्युदंड की तब्दीली :प्रश्नचिन्ह अब जाकर क्यूँ ?

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मृत्युदंड को उम्रकैद में तब्दील करना गैरकानूनी :यह कहते हुए केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के निर्णय के लिए पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की .
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ४३३ दंडादेश के लघुकरण की शक्ति के बारे में कहती है -
समुचित सरकार दण्डादिष्ट व्यक्ति को सम्मति के बिना -
[क] मृत्यु दंडादेश को भारतीय दंड संहिता [१८६० का ४५ ]द्वारा उपबंधित किसी अन्य दंड के रूप में लघुकृत कर सकेगा ;
[ख] आजीवन कारावास के दंडादेश का ,चौदह वर्ष से अनधिक अवधि के कारावास में या जुर्माने में लघुकृत कर सकेगी ;
[ग] कठिन कारावास के दंडादेश का किसी ऐसी अवधि के सादा कारावास में ,जिसके लिए वह व्यक्ति दण्डादिष्ट किया जा सकता हो ,या जुर्माने के रूप में लघुकरण कर सकेगी ,
[घ] सादा कारावास के दंडादेश को लघुकरण कर सकेगी .
समुचित सरकार के सम्बन्ध में हनुमंतदास बनाम विनय कुमार और अन्य तथा स्टेट ऑफ़ हिमाचल प्रदेश बनाम विनय कुमार और अन्य ए.आई.आर .१९८२ एस.सी.१०५२ में उच्चतम न्यायालय ने कहा -पद ''समुचित सरकार ''से अभिप्राय उस सरकार [राज्य ]से है जिसमे अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया है ,न कि उस सरकार [राज्य…