सोशल मीडिया पर बैन हो " बॉडी शेमिंग "

 


आजकल सोशल मीडिया पर एक शब्द चर्चा में है " बॉडी शेमिंग "बॉडी शेमिंग (Body Shaming) जिस का अर्थ है किसी व्यक्ति के शारीरिक रूप-रंग, वजन, आकार या बनावट को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना, उसका मजाक उड़ाना या उसे शर्मिंदा करना। यह एक प्रकार की मानसिक बदमाशी है जो उस व्यक्ति के आत्मविश्वास को कम करती है, जिसकी बॉडी शेमिंग की जाती है मतलब जिसकी शारीरिक बनावट का उपहास उड़ाया जाता है और यह मोटापे से लेकर दुबलेपन तक, या किसी भी शारीरिक विशेषता से संबंधित हो सकती है।

उत्तर प्रदेश की IPS अधिकारी अपर्णा रजत कौशिक पिछले दिनों एक इनामी बदमाश की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर ब्रीफिंग कर रही थीं. अपर्णा कौशिक आईपीएस बनने से पहले गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में बिजनेस एनालिस्ट थीं, जहां उनका सालाना पैकेज करीब 18 लाख रुपये का था. अपर्णा द्वारा बाद में यह आरामदायक नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला लिया गया और अपनी कड़ी मेहनत के बदौलत यूपीएससी परीक्षा पास की और फिर वह 2015 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं. आईपीएस के तौर पर अपर्णा रजत कौशिक यूपी के अमेठी जिले में भी पुलिस अधीक्षक पद पर रह चुकी हैं. इसके अलावा कासगंज और औरेया जिले का भी कमान संभाल चुकी हैं. वहीं लखनऊ में भी डीसीपी रही हैं.

आईपीएस अपर्णा रजत कौशिक अपना कार्य बेहद गंभीरता से करती आ रही हैँ किन्तु इस तरह से वे कभी विवादों में नहीं रही. इस समय भी वे चर्चा में तब आई जब एक इनामी बदमाश की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर ब्रीफिंग कर रही थीं. जिसका वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है. जिसे लेकर हजारों लोग भद्दे कमेंट कर रहे थे . जिसे देखते हुए बाद में पुलिस द्वारा कमेंट सेक्शन ऑफ कर दिया गया. आईपीएस अपर्णा कौशिक के ब्रीफिंग वीडियो पर 4 मिलियन से ज्यादा व्यूज और 11 हजार से अधिक कमेंट्स आए  जिनमें से ज्यादातर कमेंट्स आईपीएस अपर्णा कौशिक के शरीर की बनावट को लेकर है. करीब चार लाख से ज्यादा लोगों ने इस वीडियो को शेयर किया है. कमेंट में महिला अधिकारी की शारीरिक बनावट, लुक और अपीयरेंस पर अश्लील व बॉडी शेमिंग कमेंट्स किए गए हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ गया है । उनके काम पर ध्यान देने के बजाय कई यूजर्स ने अपमानजनक और सेक्सिस्ट टिप्पणियों के साथ उनकी प्रस्तुति को निशाना बनाया। इससे लोगों में गुस्सा भड़क गया। साथ ही ऑनलाइन व्यवहार तथा वर्दीधारी महिलाओं के प्रति सम्मान पर एक व्यापक बहस छिड़ गई और भारत में इस संबंध में क़ानून की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे.

भारत में बॉडी शेमिंग (Body Shaming) को लेकर कोई एक विशिष्ट कानून नहीं है, लेकिन भारतीय दंड संहिता (IPC) और अन्य कानूनों के तहत इसे एक अपराध माना जा सकता है यदि यह किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।

🌑 कानूनी प्रावधान:-

✒️+मानहानि (Defamation - धारा 499/500 IPC): यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से किसी के शरीर या रूप-रंग को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करता है, जिससे उसकी प्रतिष्ठा को हानि पहुँचती है, तो उस पर मानहानि का मुकदमा चल सकता है।

✒️ शांति भंग करना (Intentional Insult - धारा 504 IPC): जानबूझकर किसी को अपमानित करना ताकि वह उत्तेजित होकर हिंसक प्रतिक्रिया दे, इसके तहत एक वर्ष तक की सजा या जुर्माना हो सकता है।

✒️ महिला की लज्जा भंग (Section 509 IPC): यदि टिप्पणी किसी महिला की लज्जा का अपमान करने के उद्देश्य से की गई है, तो यह 509 के तहत दंडनीय है।

✒️ साइबर बुलिंग (IT Act - धारा 66E/67): इंटरनेट पर किसी की फोटो या शारीरिक बनावट का मजाक उड़ाना आईटी एक्ट के तहत भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

✒️ कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (POSH Act): यदि बॉडी शेमिंग कार्यस्थल पर होती है, तो यह यौन उत्पीड़न के दायरे में आ सकती है। 

हाल ही में केरल हाई कोर्ट ने बॉडी शेमिंग को 'क्रूरता' (Cruelty) माना है। यदि बॉडी शेमिंग के कारण पीड़ित मानसिक यातना का शिकार होता है, तो आरोपी को सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है।

              आज सोशल मीडिया जिस तरह से असभ्यता की हदे पार कर रहा है उसे देखते हुए देश में सोशल मीडिया को लेकर कानूनी नियंत्रण की आवश्यकता है. ये नियंत्रण न केवल महिला मुद्दों पर होना चाहिए बल्कि छोटे बच्चो को लेकर जिस तरह से सोशल मीडिया का दुरूपयोग किया जा रहा है, पर भी होना चाहिए. सोशल मीडिया द्वारा किसी के साथ भी असभ्य व्यवहार किए जाने पर कड़े प्रतिबंध लागू किए जाने की आवश्यकता है अन्यथा महिला पुलिस अधिकारी को भी इस तरह की असभ्यता का सामना करना पड़ता है जिससे सामान्य महिलाओं की रक्षा करने के लिए वे स्वयं कटिबद्ध हैं.

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली )

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