पति के लगातार दबाव में महिला का पति की संपत्ति मे हिस्सा माँगना भी दहेज की मांग - कलकत्ता हाई कोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि " किसी महिला को अपनी पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने का कानूनी अधिकार है, लेकिन यदि वह मांग पति के लगातार दबाव, उत्पीड़न या मजबूरी में की गई हो, तो उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304बी के तहत दहेज की मांग माना जा सकता है।" ➡️ कलकत्ता हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय - ⚫ केस का नाम: सजल पारुई बनाम पश्चिम बंगाल राज्य ✒️ मुख्य पक्षकार (Parties) निम्नलिखित थे: ⚫ अपीलकर्ता/दोषी (Appellants/Convict): मुख्य आरोपी सजल पारुई (पति) था। इसके अलावा सजल के पिता (हरेन्द्र चंद्र पारुई) और मां (रीना पारुई) भी अपीलकर्ता थे। ⚫ प्रतिवादी/शिकायतकर्ता (Respondent/Complainant): मृतका (पीड़िता) का भाई (जिसने पहली बार FIR दर्ज कराई थी) और पश्चिम बंगाल राज्य इस मामले में प्रतिवादी थे। कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि भले ही एक महिला को पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने का कानूनी अधिकार है, लेकिन यदि यह मांग पति के लगातार दबाव और उत्पीड़न के कारण की गई हो, तो इसे 'दहेज की मांग' माना जा सकता है। द्वारा शालिन...