शामली जिले के व्यापारी बंधुओं की जागरुकता को सलाम

 


शामली में दिल्ली रोड स्थित एक मेटल फैक्ट्री में पर्यावरण अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह के दो फर्जी सदस्यों, आबिद और ऋषिराज, को उद्यमियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी प्रदूषण जांच के नाम पर फैक्ट्री संचालकों से अवैध वसूली कर रहे थे, जबकि तीसरा आरोपी जीशान फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. 

➡️ शामली फर्जी अधिकारी प्रकरण के मुख्य विवरण:

✒️ घटनास्थल: शामली के दिल्ली रोड स्थित सुखमाल चंद मेटल इंडस्ट्रीज।

✒️ आरोपी: आबिद (कैराना निवासी) और ऋषिराज मलिक (बड़ौत, बागपत निवासी) गिरफ्तार, जीशान (कैराना) फरार।

✒️ कार्यशैली: तीनों सफेद गाड़ी में आकर खुद को पर्यावरण आयोग के अधिकारी बताकर फैक्ट्री में छापेमारी करते थे।

✒️ उद्देश्य: प्रदूषण नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर फैक्ट्री मालिकों से अवैध वसूली करना।

✒️ पर्दाफाश: संदिग्ध लगने पर उद्यमियों (लघु उद्योग भारती) ने उनके आई-कार्ड और पूछताछ में फर्जीवाड़े का खुलासा किया। 

फर्जी अधिकारी की पहचान कैसे करें?

धैर्य और शांति बनाए रखें और वेरिफिकेशन (सत्यापन) मांगें

आम जनता को चाहिए कि वह अधिकारी से उसका आई डी कार्ड मांगे. आईडी कार्ड देखने के बाद भी, उनसे विनम्रतापूर्वक यह कहें कि "सर, वेरिफिकेशन के लिए मैं एक बार स्थानीय पुलिस स्टेशन या विभाग के नंबर पर बात करना चाहता/चाहती हूँ"।

आईडी कार्ड की जांच करें: 

वे आपको आई डी कार्ड दिखा सकते हैं शामली में भी फ़र्ज़ी पर्यावरण अधिकारियों द्वारा फ़र्ज़ी आई डी कार्ड दिखाए गए किन्तु उनमे और असली आई डी कार्ड मे अन्तर होता है. फर्जी आईडी में अक्सर स्पेलिंग की गलतियां, असमान किनारे (ragged edges), धुंधला टेक्स्ट या खराब क्वालिटी का लेमिनेशन होता है।

    स्थानीय व्यापारियों ने फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार कराया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस जागरुकता पूर्ण कार्यवाही के लिए शामली जिले के व्यापारी भाई धन्यवाद और बधाई के पात्र हैं,

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली) 

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