वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडर्स की रोटी छीन लेगी ई रजिस्ट्री
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जून 2026 मे ई रजिस्ट्री प्रणाली लागू की गई है और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूरे उत्तर प्रदेश में इसका विरोध आरंभ हो गया है. कासगंज जिले में रजिस्ट्रीकरण की नई ई-पंजीकरण व्यवस्था का विरोध तेज हो गया है। इस व्यवस्था के लागू होने पर दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है। उनका पारंपरिक कार्य भी प्रभावित होगा। संगठन ने अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है।
सोमवार को बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना तहसील के सभागार में पांच प्रमुख संघों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से 16 जून से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल और कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया। इस आंदोलन में बार एसोसिएशन के साथ दस्तावेज लेखक संघ, स्टाम्प विक्रेता, टाइपिस्ट और फोटो स्टेट संघ भी शामिल हैं। संयुक्त प्रस्ताव के अनुसार, हड़ताल के दौरान न तो न्यायालयों में कोई कार्य होगा और न ही स्टाम्प की बिक्री की जाएगी। इसके अलावा शपथ पत्र, नोटरी, टाइपिंग और फोटो स्टेट का कार्य भी पूरी तरह बंद रहेगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि डिजिटल रजिस्ट्री की नई व्यवस्था उनके हितों के खिलाफ है और इसके लागू होने से कार्यप्रणाली में अनेक विसंगतियां पैदा होंगी। इस हड़ताल से तहसील की रजिस्ट्री समेत अन्य सभी प्रशासनिक और न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहने की आशंका है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी के साथ शामली जिले में पेपरलैस ई-रजिस्ट्री लागू करने के विरोध में अधिवक्तागण, डीडराईटर्स व स्टांप वेंडर आदि 16 से 20 जून तक हड़ताल पर रहेंगे। इसके साथ ही उपनिबन्धक कार्यालय पर तालाबंदी की जाएगी। सोमवार को जिला बार भवन में जिला बार एसोसिएशन शामली की एक बैठक अध्यक्ष विजेंद्र कुमार की अध्यक्षता और सत्येंद्र कुमार शर्मा महासचिव के संचालन में हुई। इस बैठक में अधिवक्तागण, डीडराईटर्स व स्टाम्प वेंडर्स शामिल हुए। बैठक में अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि ई-रजिस्ट्री होने से सभी काम कम्प्यूटर से ऑनलाइन हो जाएंगे जिसके चलते अधिवक्ताओं के साथ ही डीड राईटर्स और स्टाम्प वेंडरों का काम पूरी तरह से खत्म हो जाएगा और उनकी रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 जून से 20 जून तक सभी अधिवक्ता, डीडराईटर्स और स्टाम्प वेन्डर हड़ताल पर रहेंगे। इसके अलावा उपनिबन्धक कार्यालय की तालाबन्दी की जाएगी। इसी के साथ इन दिनों रजिस्ट्री से संबंधित कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा तथा कोर्ट में भी सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से पूर्ण रूप से विरत रहेंगे।
पूरे प्रदेश में ई रजिस्ट्री प्रणाली का विरोध आरंभ हो गया है, आइए जानते हैं कि ई रजिस्ट्री प्रणाली है क्या -
➡️ ई-रजिस्ट्री (E-Registry)
संपत्ति की खरीद-बिक्री या पट्टे (Lease) से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन दर्ज और सत्यापित करने की एक डिजिटल प्रक्रिया है。इसमें रजिस्ट्रार कार्यालय के चक्कर काटने की बजाय घर बैठे ऑनलाइन ई-स्टाम्प शुल्क का भुगतान, केवाईसी (KYC) और दस्तावेज अपलोड करना शामिल होता है。
➡️ उत्तर प्रदेश में ई-रजिस्ट्री के मुख्य लाभ और प्रक्रिया:
⚫ सुविधा और समय की बचत:
नागरिकों को अब सब-रजिस्ट्रार ऑफिस के कई चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होते ही डिजिटल दस्तावेज सीधे मोबाइल या ईमेल पर उपलब्ध हो जाएगा 。
⚫ ई-स्टाम्प सुविधा:
स्टांप पेपर खरीदने के लिए स्टाम्प वेंडर्स पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है; ई-स्टाम्प शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से किया जा सकता है。
⚫ पारदर्शिता और सुरक्षा:
ऑनलाइन प्रक्रिया से फर्जीवाड़े में कमी आती है और एक ही संपत्ति को बार-बार बेचने की घटनाओं पर रोक लगती है。
⚫ ऑनलाइन ई-रजिस्ट्री या संपत्ति का विवरण कैसे खोजें:
उत्तर प्रदेश में संपत्ति विवरण या रजिस्ट्री की जांच करने के लिए स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की IGRSUP वेबसाइट का प्रयोग करें। वहां आप 'संपत्ति खोजें' (Property Search) सेक्शन के माध्यम से आवश्यक विवरण प्राप्त कर सकते हैं。
अब जब सब कुछ ऑनलाइन ही हो जाएगा तो रजिस्ट्री कार्य से जुड़े वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडर्स के लिए क्या व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है इसका कोई खुलासा सामने नहीं आ रहा है जिससे स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि रजिस्ट्री का यह ऑनलाइन माध्यम रजिस्ट्री विभाग से जुड़े वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडर्स के पेट पर लात मारने जा रहा है और इसीलिए प्रदेश स्तर से इसे लेकर विरोध आरंभ हो गया है.
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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