अगर पति पत्नि की तरह साथ रहे हैं तो भरण पोषण भी देना होगा - इलाहाबाद हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि
यदि कोई पुरुष और महिला लंबे समय तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे हों और उनका वैवाहिक संबंध अन्य परिस्थितियों से स्थापित होता हो, तो भरण-पोषण (Maintenance) के दावे को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि वैध विवाह का सख्त दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
इस प्रकार इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पुरुष और महिला लंबे समय तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे हों, तो पुरुष भरण-पोषण (Maintenance) देने से इनकार नहीं कर सकता। कोर्ट ने माना कि ऐसे मामलों में भरण-पोषण के दावे को केवल वैध विवाह के ठोस दस्तावेजी प्रमाण न होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।
⚫ केस की डिटेल्स और महत्वपूर्ण बिंदु:
पार्टीज के नाम: यह फैसला संतोष कुमार (पति) और उनकी पत्नी/महिला (चित्रकूट) के बीच के मामले में जस्टिस अचल सचदेव की बेंच द्वारा दिया गया।
⚫ तथ्य: महिला ने फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी कि 2017 में कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन के बाद वह पति के साथ रहने लगी थी, जिससे एक पुत्र भी हुआ। लेकिन फैमिली कोर्ट ने सख्त दस्तावेज (Marriage Certificate) न होने के कारण उसका भरण-पोषण का दावा ठुकरा दिया था।
⚫ हाईकोर्ट का फैसला: हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि लंबे समय तक 'लिव इन' या पति-पत्नी की तरह साथ रहना और फिर पत्नी को घर से निकाल देना, भरण-पोषण देने के लिए पर्याप्त आधार है।
⚫ कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के Badshah v. Urmila Badshah Godse (2014) फैसले का हवाला देते हुए कहा कि धारा 125 CrPC के तहत भरण-पोषण के मामलों में कानून की सामाजिक उद्देश्यपूर्ण (Purposive) व्याख्या अपनाई जानी चाहिए, न कि केवल तकनीकी दृष्टिकोण।
हालांकि, हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्चे को ₹5,000 प्रतिमाह भरण-पोषण देने के फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और कहा कि धारा 125 CrPC के तहत पिता का दायित्व वैध और अवैध, दोनों प्रकार की संतान का भरण-पोषण करना है।
अदालत ने महिला के भरण-पोषण के दावे पर पुनर्विचार के लिए मामला फैमिली कोर्ट को वापस भेजते हुए दोनों पक्षों को राजनेश बनाम नेहा फैसले के अनुसार अपनी आय संबंधी शपथपत्र दाखिल करने और तीन महीने के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया।
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें