कुछ वकील काली भेड़-इलाहाबाद हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने वकीलों के वेश में मौजूद उन लोगों को "काली भेड़" (Black Sheep) कहा है जो हिंसा, मारपीट या अवैध गतिविधियों में शामिल होकर न्याय व्यवस्था और न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुँचाते हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने वकीलों के वेश में मौजूद कुछ भ्रष्ट और हिंसक आचरण वाले वकीलों को "काली भेड़ें" (Black Sheep) कहा है। यह टिप्पणी लखनऊ जिला अदालत परिसर के अंदर एक वादकारी (मुवक्किल) और बाहर से आए वकीलों के साथ मारपीट तथा न्यायिक कार्य में बाधा डालने के मामले में की गई है।
➡️ मामले से जुड़े मुख्य विवरण
⚫ घटना की तिथि: 21 जुलाई 2026, जब दिल्ली के कुछ अधिवक्ता अपने मुवक्किल मोहम्मद शाकिर के संपत्ति विवाद के सिलसिले में लखनऊ जिला न्यायालय पहुंचे थे।
⚫ आरोप: स्थानीय विपक्षी वकीलों द्वारा अदालत में पेश होने से रोकना, गाली-गलौज और मारपीट करना।
⚫ हाईकोर्ट की कार्रवाई:न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की विशेष पीठ ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया।
⚫ हाई कोर्ट की सख्ती: Allahabad High Court की पीठ (न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला) ने कहा कि अधिकांश वकील ईमानदारी से काम करते हैं, लेकिन कुछ 'काली भेड़ों' की पहचान कर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
⚫ दंडात्मक कदम: अदालत ने चार आरोपी वकीलों (सौरभ कुमार वर्मा, हर्षित पांडेय, यश पांडेय और अभय प्रताप वर्मा) के कोर्ट परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है तथा उनसे 10 वर्षों का आयकर रिटर्न और संपत्ति का ब्योरा माँगा है।
⚫ मामले की जांच खुफिया ब्यूरो (IB) को सौंपी गई है।
⚫ मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को होगी।
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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