100 साल पुरानी शाही मस्जिद का एक हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की अनुमति-मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

 


मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाकर सड़क चौड़ी करने के नगर निगम के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं खारिज कर दी । कोर्ट ने कहा कि 

नगर निगम ने संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए और मस्जिद का प्रबंधन करने वाले लोगों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के बाद कार्रवाई की। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की पीठ ने कहा कि प्रस्तावित कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 300-ए का उल्लंघन नहीं करती। कोर्ट ने 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ, करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित आवाजाही, यातायात व्यवस्था और मस्जिद की स्थिति को भी ध्यान में रखा।..... शाही मस्जिद महाकालेश्वर मंदिर के लगभग सामने और क्षिप्रा नदी के बेहद करीब स्थित है। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और यातायात प्रबंधन के लिए सड़क चौड़ीकरण जरूरी है। पीठ ने कहा कि बड़े जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम की कार्रवाई कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद की गई।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास छत्री चौक स्थित 100 साल पुरानी शाही मस्जिद का एक हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन की तरफ से दायर दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया है। 

➡️  मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:. 

मामला और कोर्ट का फैसला

✒️ याचिका खारिज: मस्जिद के प्रबंधन और वक्फ पंचायत मोचियान के प्रतिनिधियों ने नगर निगम के नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद इन याचिकाओं को खारिज कर दिया। 

✒️ हाईकोर्ट की टिप्पणी: न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की पीठ ने कहा कि 

नगर निगम ने मास्टर प्लान और नियमों के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई किसी भी मौलिक अधिकार या संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन नहीं करती है। 

 ✒️ सड़क चौड़ीकरण की वजह

सिंहस्थ 2028: साल 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ और शाही सवारियों के दौरान भारी भीड़ और यातायात को सुगम बनाने के लिए यह सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। 

यातायात का दबाव: महाकाल मंदिर के पास का यह मार्ग (कंठाल से छत्री चौक) काफी संकरा है, जिससे यहां अक्सर जाम लगता है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए इस सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। 

✒️ नगर निगम का पक्ष

छोटा हिस्सा प्रभावित: नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि मस्जिद के कुल ढांचे के 10 प्रतिशत से भी कम हिस्से को हटाने की आवश्यकता है। 

अन्य धार्मिक स्थल: निगम ने स्पष्ट किया कि किसी एक धर्म को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक करीब 90 धार्मिक संरचनाओं (जिनमें 10 मंदिर और एक अन्य मस्जिद शामिल हैं) पर कार्रवाई की जा चुकी है। 

✒️ आगे की स्थिति

कारवाई की तैयारी: कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब नगर निगम द्वारा मस्जिद के चिन्हित हिस्से को हटाने की कार्रवाई जल्द की जा सकती है।

अगला कदम: याचिकाकर्ताओं के वकीलों का कहना है कि वे विस्तृत आदेश का अध्ययन करने के बाद इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट या डबल बेंच में अपील कर सकते हैं।

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

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