जन्तर मन्तर के छात्रों से मुक़दमे वापस-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर व देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) को रद्द कर दिया है।
➡️ सुप्रीम कोर्ट का फैसला और मुख्य बातें
⚫ अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल:
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने विशेष अधिकारों का उपयोग करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों को समाप्त करने का आदेश दिया।
⚫ गंभीर अपराधों पर लागू नहीं:
यह राहत केवल मामूली प्रदर्शन मामलों के लिए है; हत्या या गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि व हिंसा में लिप्त आरोपियों को इससे छूट नहीं मिली है।
⚫ मार्च रद्द:
इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना विरोध मार्च रद्द कर दिया है।
⚫ सरकार का आश्वासन:
केंद्र सरकार ने पहले ही अदालत को सूचित किया था कि प्रदर्शनकारियों के पुराने केस वापस लिए जाएंगे और भविष्य में कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं होगा।
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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