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ये नहीं किया तो मकान मालिक पर ₹5000 का जुर्माना तय

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1 जुलाई 2025 से भारत में मकान मालिकों के लिए अपनी सम्पत्ति किराये पर देने के संबंध में नया नियम लागू होने जा रहा है, जिसके तहत यदि मकान मालिक बिना ई-स्टाम्प रेंट एग्रीमेंट के मकान किराए पर देता है तो उस पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। इस नियम का उद्देश्य किराएदारों के हितों की रक्षा करना और रेंट एग्रीमेंट की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। ➡️ ई-स्टाम्प रेंट एग्रीमेंट के फायदे- ई-स्टाम्प रेंट एग्रीमेंट का उपयोग किराएदार और मकान मालिक दोनों के लिए फायदेमंद है। कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के साथ साथ यह विवादों को भी कम करता है।ई- स्टाम्प का महत्व यह भी है कि यह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होता है, जिससे किसी भी विवाद की स्थिति में इसे सबूत के रूप में पेश किया जा सकता है। ✒️ ई स्टाम्प से कानूनी सुरक्षा मिलती है. ✒️ ई स्टाम्प से विवादों का समाधान आसानी से हो जाता है. ✒️ ई स्टाम्प सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होता है. ✒️ ई स्टाम्प किराएदार के अधिकारों की रक्षाकरता है. ✒️ ई स्टाम्प मकान मालिक की जिम्मेदारियों का निर्धारण भी करता है. ➡️ बिना ई-स्टाम्प रेंट एग्रीमेंट जुर्माने का प्रावधान- बिना ई-स्टा...

एडवोकेट समझें वर्चुअल कोर्ट की अवधारणा

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 विधि और न्याय मंत्रालय की अवधारणा के अनुसार छोटे यातायात अपराध के मामलों से निपटने के लिए ई-कोर्ट परियोजना के तहत आभासी अदालतों की एक नई व्यवस्था की गई है । जिसमें कोर्ट रूम की आवश्यकता नहीं होती है । इसका लक्ष्य, अदालत में उल्लंघनकर्ता या अधिवक्ता की भौतिक उपस्थिति को समाप्त करके अदालतों में होने वाली भीड़ को कम करना है । वर्चुअल कोर्ट का प्रबंधन, वर्चुअल जज द्वारा किया जा सकता है, जिसके क्षेत्राधिकार में पूरा राज्य आता है और जिसमें पूरे सप्ताह चौबीसों घंटे (24X7) कार्य किया जा सकता है । इसमें न तो वादी को न्यायालय आने की आवश्यकता होगी और न ही न्यायाधीश को न्यायालय की भौतिक रूप से अध्यक्षता करने की आवश्यकता होगी । इस प्रकार, कीमती न्यायिक समय और जनशक्ति की बचत होगी । ➡️ भारत में कहाँ-कहाँ कितनी वर्चुअल कोर्ट- ✒️ 31.01.2025 की स्थिति के अनुसार, 21 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों अर्थात दिल्ली (2), हरियाणा, चंडीगढ़, गुजरात (2), तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल (2), महाराष्ट्र (2), असम, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर (2), उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड (2), मध्य प्रदेश, त्रिपु...

सरकार के नये सख्त ट्रेफिक रूल्स 1 मार्च 2025 से प्रभावी

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  भारत सरकार द्वारा 1 मार्च, 2025 से नये यातायात नियम लागू किए हैं, जो पहले के यातायात नियमों से कहीं अधिक प्रभावी और सख्त हैं जिसमें सड़क सुरक्षा बढ़ाने और लापरवाह ड्राइविंग को रोकने के लिए भारी जुर्माने और दंड की व्यवस्था की गई है। सड़क दुर्घटनाओं में भारी वृद्धि को देखते हुए, ये संशोधन उल्लंघनों को हतोत्साहित करने और ज़िम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करने के लिए तुरंत अमल में लाये गए हैं. टू व्हीलर आज लगभग हर घर में नजर आ रहे हैं और दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण भी आज ये टू व्हीलर और इनके चालक हैं, जिन्हें कहीं भी भीड़ में आगे निकल जाने की जल्दी है. ऐसे में सरकार ने टू-व्हीलर वालों के लिए कुछ बड़े बदलाव लागू किए हैं, जो बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, अभी पिछले दिनों वेस्ट यू पी में पेट्रोल पंपो पर ये सख़्ती भी विभिन्न जिलाधिकारी द्वारा की गई कि हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं -हालांकि यह सख़्ती अधिक चल नहीं पाई किन्तु ऐसा नहीं है कि आगे भी नहीं चलेगी, इसलिए अगर आपने अब भी हेलमेट पहनना शुरू नहीं किया है या लाइसेंस बनवाना टाल रखा है तो अब नये ट्रेफिक रूल्स पढ़ें और नियमों का पालन करें, अन्य...

मोदी सरकार ने 1 जुलाई से बदले रजिस्ट्री नियम

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  मोदी सरकार ने बदले रजिस्ट्री नियम-1 जुलाई से लागू Shalini kaushik law classes केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया में 1 जुलाई 2025 से बड़े बदलाव किये गए हैं ताकि रजिस्ट्री प्रक्रिया में धोखाधड़ी को रोका जा सके, इसके साथ ही भूमि और फ्लैट का रजिस्ट्रेशन पारदर्शी, तेज़ और डिजिटल स्वरुप में सफलता पूर्वक हो सके. 1 जुलाई 2025 से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में किये गए ये महत्वपूर्ण 4 बदलाव लागू होने जा रहे हैं जिनसे क्रेता और विक्रेता दोनों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने वाला है। इस तरह के बदलावों का सर्वप्रथम उद्देश्य धोखाधड़ी पर लगाम कसना है,इसके साथ ही पहले से चली आ रही लम्बी दस्तावेजी प्रक्रिया और उसके कारण आम जनता का इसमें लगने वाला लम्बा समय, इन दोनों में ही कटौती होने जा रही है. ➡️ रजिस्ट्रेशन के 4 बदलाव-  1️⃣ रजिस्ट्री के लिए सत्यापित आधार अनिवार्य-  जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए अब हर व्यक्ति के आधार कार्ड का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। 🌑 बदलाव से ये सम्भव होगा- 1️⃣ फर्जी पहचान के ज़रिए रजिस्ट्री होना सम्भव नहीं. 2️⃣ म...

कांवड मार्ग की शुचिता के लिए योगी आदित्यनाथ का निर्णय अति उत्तम

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     कांवड़ यात्रा 2025 को सुविधाजनक और सद्भावना पूर्ण बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा एक अति महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और मंडलायुक्तों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. हर दुकान पर दुकानदार का नाम स्पष्ट रूप से लिखा जाना अनिवार्य होगा. सीएम योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं. ऐसे में किसी अराजक तत्व द्वारा वेष बदलकर माहौल बिगाड़ने की आशंका सेइनकार नहीं किया जा सकता. श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन किसी को शरारत करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि पिछले वर्षों की भांति हर दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अफवाहों से बचाव हो सके.सीएम योगी ने अफसरों को चेताया कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर तत्काल ए...

उत्तर प्रदेश सामूहिक विवाह योजना में बदलाव

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 सामूहिक विवाह योजना में लगातार हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यू पी सरकार ने वर और वधू के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस आवश्यक कर दी है.  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गरीब और कमजोर वर्ग के बेटियों के हाथ पीले करने की राह और आसान कर दी है. अब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ उन परिवारों को भी मिलेगा, जिनकी सालाना आमदनी तीन लाख रुपये तक है. पहले यह सीमा दो लाख तक थी, जिससे कई लोग योजना से बाहर रह जाते थे.इसके साथ हीआर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों के विवाह के लिए सामूहिक विवाह योजना की निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अब कन्या के आधार सत्यापन में लापरवाही पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके साथ ही विवाह स्थल पर वर-वधू दोनों की बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है, ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके। विवाह में दी जाने वाली उपहार सामग्री, जलपान और भोजन आदि के मानक तैयार कर उनका कड़ाई से पालन करवाये जाने के निर्देश जारी किये गए हैँ. एक ही स्थान पर 100 या उससे अधिक जोड़ों की शादियों की स्थिति में संबंधित जिलाधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे। समाज कल्याण रा...

क्या सोनम रघुवंशी का होगा नार्को टेस्ट....

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  2010 के सेल्वी बनाम कर्नाटक राज्य  एवं अन्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय  ने फैसला दिया था कि अभियुक्तों,  संदिग्धों और गवाहों पर उनकी सहमति  के बिना नार्को विश्लेषण, ब्रेन मैपिंग  और पॉलीग्राफ परीक्षण करना,  आत्म-दोषी ठहराए जाने के उनके  अधिकार का उल्लंघन है और  यह असंवैधानिक है। प्रस्तुति  शालिनी कौशिक  एडवोकेट  कैराना (शामली )