वकीलों के अवैध चेम्बर हटाने से पहले नगर निगम दे नया नोटिस-हाईकोर्ट ऑफ जुडिकेचर एट इलाहाबाद (लखनऊ पीठ)

 


सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे और अधिवक्ताओं द्वारा अदालती कामकाज के गैर-कानूनी बहिष्कार से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ऑफ जुडिकेचर एट इलाहाबाद (लखनऊ पीठ) के जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की पीठ ने लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिया है कि 

स्वास्थ्य भवन के पास सार्वजनिक उपयोग की जमीन और रास्तों पर काबिज 72 अतिक्रमणकारियों-जिनमें मुख्य रूप से अधिवक्ता शामिल हैं-को अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई से पहले नए सिरे से लिखित नोटिस दिए जाएं। 

हाईकोर्ट ने दोहराया कि 

अधिवक्ताओं द्वारा हड़ताल और काम से विरत रहना प्रत्यक्ष रूप से आपराधिक अवमानना है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिवक्ता या बार एसोसिएशन को न्यायिक कार्यवाही को बाधित करने या सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करने का अधिकार नहीं है।

➡️ मामले का शीर्षक: 

अनुराधा सिंह और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य

वाद संख्याः क्रिमिनल रिट-पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन नंबर 4 / 2026

पीठः जस्टिस राजेश सिंह चौहान, जस्टिस राजीव भारती

निर्णय की तिथिः 4 अगस्त 2026

स्रोत-LAW. TREND

प्रस्तुति 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली) 

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