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योगी सरकार अब दंड नहीं देगी......

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       उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आबकारी, वन समेत 11 से अधिक कानूनों में बदलाव करने की तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि  " सीएम ने एक उच्चस्तरीय बैठक में 'सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025' के प्राविधानों पर चर्चा की तथा आवश्यक निर्देश दिए."  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि " #EaseofDoingBusiness को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है. साथ ही, यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'श्रमेव जयते' के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो श्रमिकों और उद्यमियों, दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों." 🌑   क्या है सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025 ' - ( shalini kaushik law classes ) मुख्यमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया साइट एक्स पर सीएमओ के आधिकारिक अकाउंट के जरिए बताया गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार,  " यूपी सरकार...

उम्मीद पोर्टल निलंबन याचिका -तत्काल सुनवाई से इंकार

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    ( shalini kaushik law classes) सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा वक्फ, जिसमें वक्फ-बाय-यूजर भी शामिल हैं, के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए शुरू किए गए 'उमीद पोर्टल' के निलंबन की मांग वाली याचिका की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि - "वक्फ संशोधन अधिनियम चुनौती में विचार करेंगे. "     चीफ जस्टिस बीआर गवई ने मौखिक रूप से कहा कि-  "कोर्ट इस मुद्दे पर वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के संचालन को स्थगित करने की याचिका पर अपने लंबित फैसले में विचार करेगा।"  उन्होंने एडवोकेट शाहरुख आलम से कहा,  “आप पंजीकरण कराएं, कोई भी आपको पंजीकरण से मना नहीं कर रहा है... हम उस हिस्से पर विचार करेंगे।” आभार 🙏👇 प्रस्तुति  शालिनी कौशिक  एडवोकेट  कैराना (शामली )

1.25 करोड़ रूपये का स्थाई गुजारा भत्ता दें -सुप्रीम कोर्ट

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  ( shalini kaushik law classes ) सुप्रीम कोर्ट ने पति को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपरिवर्तनीय विच्छेद के आधार पर विवाह विच्छेद करते समय अपनी पत्नी को 1.25 करोड़ रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया।  जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मद्रास हाईकोर्ट का आदेश के विरुद्ध अपील पर सुनवाई की, जिसमें प्रतिवादी-पत्नी द्वारा क्रूरता के आधार पर फैमिली कोर्ट द्वारा पति के पक्ष में दिए गए तलाक का आदेश रद्द कर दिया गया। हाईकोर्ट का निर्णय रद्द करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ द्वारा लिखित निर्णय में विवाह विच्छेद के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत न्यायालय की अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग किया गया, जिसमें कहा गया कि " फैमिली कोर्ट द्वारा उसके पक्ष में पारित तलाक के आदेश के आधार पर पति द्वारा किए गए पुनर्विवाह के कारण विवाह अपरिवर्तनीय रूप से टूट गया।"  अदालत ने कहा,  "यह स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है। वे 2010 से यानी लगभग 15 वर्षों से अलग रह रहे हैं। उनके बीच वैवाहिक संबंध का कोई निशान नहीं है। किसी भी पक्ष ने अपन...

16साल की मुस्लिम लड़की को वैध विवाह का अधिकार-सुप्रीम कोर्ट

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(Shalini kaushik law classes) सुप्रीम कोर्ट जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने मंगलवार (19 अगस्त) को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को ख़ारिज कर दिया गया। याचिका द्वारा पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के 2022 के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें कहा गया था कि 16 साल की मुस्लिम लड़की किसी मुस्लिम पुरुष से वैध विवाह कर सकती है और दंपति को धमकियों से सुरक्षा प्रदान की गई थी।       जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने निर्णय में कहा कि   "राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) इस मुकदमे से अनजान है और उसे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है।" खंडपीठ ने पूछा कि- "राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को धमकियों का सामना कर रहे दंपति के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा प्रदान करने वाले हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती क्यों देनी चाहिए?"  खंडपीठ ने कहा,  "NCPCR के पास ऐसे आदेश को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है... अगर दो नाबालिग बच्चों को हाईकोर्ट द्वारा संरक्षण प...

आओ विवाह रजिस्टर्ड करें यू पी में

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 उत्तर प्रदेश में विवाह पंजीकरण कराने के लिए, आपको IGRSUP (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आपको आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि आधार कार्ड, पहचान प्रमाण, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, और विवाह प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अपलोड करने होंगे। इसके बाद, आपको आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा और आवेदन पत्र जमा करना होगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आपको विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।  विस्तृत प्रक्रिया: 1️⃣ वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले, IGRSUP वेबसाइट पर जाएं।  2️⃣. आवेदन करें: "विवाह पंजीकरण" अनुभाग में, "आवेदन करें" विकल्प पर क्लिक करें।  3️⃣. पंजीकरण फॉर्म भरें: पति और पत्नी दोनों का विवरण, विवाह की तिथि और स्थान, और गवाहों का विवरण दर्ज करें।  4️⃣. दस्तावेज अपलोड करें: आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि आधार कार्ड, पहचान प्रमाण, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, और विवाह प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), अपलोड करें।  5️⃣. आवेदन शुल्क का भुगतान करें: ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें।  6️⃣. आवेदन जमा करें: आवेदन ...

मुस्लिम पर्सनल लॉ- वसीयत को चुनौती

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 सुप्रीम कोर्ट ने आज एक याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है,जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई है कि " भारत में मुसलमानों को पवित्र कुरान के अनुसार न्यायसंगत तरीके से वसीयत ( वसीयत/Will) बनाने का अधिकार है, और उन पर यह प्रतिबंध नहीं होना चाहिए कि वे अपनी संपत्ति का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही बिना कानूनी वारिसों की सहमति के वसीयत कर सकते हैं।"  जस्टिस पमिडिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने नोटिस जारी किया और इस याचिका को Tarsem v. Dharma & Anr. मामले के साथ टैग कर दिया। उस मामले में भी कोर्ट ने मोहम्मडन लॉ के तहत वसीयत करने की शक्ति की सीमा से जुड़े समान प्रश्न तय किए थे। याचिकाकर्ता, जो अबू धाबी में वकालत करते हैं, ने यह घोषणा करने का निर्देश मांगा है कि 1925 के भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम (Indian Succession Act) के तहत मुसलमानों को वसीयतनामा संबंधी उत्तराधिकार से बाहर रखना, और गैर-संहिताबद्ध मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत एक-तिहाई सीमा लगाना, संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 25 और 300A का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है —   “जब कुरान की आयतें...

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वेस्ट यू पी में नशे के अवैध कारोबार की तेजी से बढ़ती जा रही सक्रियता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश जारी किये जाने पर अब सहारनपुर मंडल में पुलिस प्रशासन नशे के कारोबार पर नकेल कसने जा रहा है. इसके लिए सहारनपुर पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह के द्वारा ‘ऑपरेशन सवेरा’ अभियान की शुरुआत की गई है. जिसका मुख्य उद्देश्य नशे के अवैध व्यापार में लिप्त अपराधियों पर सख्त कार्यवाही करते हुए, समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाना है. ऑपरेशन सवेरा को सफल बनाने के लिए सहारनपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने मंडल के तीनों जिलों सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली के SSP को इस अभियान के तहत नशा कारोबारियों पर शिकंजा कसने के आदेश दिए हैं.  DIG अभिषेक सिंह के निर्देश पर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में पुलिस नशा कारोबारियों, सप्लायर्स और माफिया नकेल कसने जा रही है. साथ ही अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाएगा और समाज को नशे के दुष्परिणामों से जागरूक किया जाएगा.पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह का कहना है कि  ‘ ऑपरेशन सवेरा’ न केवल अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का सं...