पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद/बालिका भ्रूण हत्या/विवाह पंजीयन

मेरी पिछली पोस्ट में मैंने आपको विवाह विच्छेद से सम्बंधित हिन्दू-मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के विषय में बताया था .समयाभाव के कारण मैं हिन्दू महिलाओं का विवाह विधि संशोधन अधिनियम १९७६ की धारा १३ बी में वर्णित अधिकार बताने से चूक गयी थी .आज मैं उसके विषय में और बालिका भ्रूण हत्या  और विवाह पंजीयन से सम्बंधित छोटी सी जानकारी भी आपको दूँगी:
  1. -उपरोक्त अधिनियम की धारा १३ बी में पारस्परिक सहमति से भी विवाह विच्छेद किया जा सकता है.उसकी याचिका जिला अदालत में दायर की जाती है और याचिका प्रस्तुत किये जाने के ६ माह या १८ माह पश्चात् यदि वापस नहीं ली गयी तो न्यायालय सुनवाई व जाँच के पश्चात् जो उचित समझे वह निर्णय करता है.
  2. -देश में बालिका भ्रूण हत्या रोकने हेतु मादा भ्रूण का पता लगाने को रोकने के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम १९९४ बनाकर लागू कर दिया गया है.इसका उल्लंघन करने वालों पर १०-१५ हज़ार रूपये तक जुर्माना तथा ३ से ५ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है.
-विवाह पंजीयन अनिवार्य विधेयक २००५ द्वारा प्रत्येक विवाह का पंजीकरण  अनिवार्य बनाकर महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने हेतु राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा विधेयक तैयार किया गया है.
   आज के लिए बस इतना ही .बताइयेगा कि क्या मेरा ये प्रयास आपके लिए ज्ञान वर्धक साबित हो रहा है?

टिप्पणियाँ

  1. शालिनी जी

    अच्छी जानकारी दी | विवाह का पंजीकरण अनिवार्य हो गया है लेकिन देश में लाखो लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है मुंबई और कोलकाता में यर पहले से ही अनिवार्य था | धन्यवाद |

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  2. meri shayeri wale blog pe bhi aayen aur follow karen.
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  3. ज्ञानवर्धक जानकारी दे रही हैं आप शालिनी जी, इस ब्‍लॉग के लिये धन्‍यवाद.

    ब्‍लॉग में पोस्‍ट एरिया को बड़ा कर देवें, पढ़नें में पोस्‍ट पट्टी जैसे लग रही है।
    लागईन-डैशबोर्ड-डिजाईन-टैम्‍पलेट डिजाईनर-एडजैस्‍ट वीर्थ-इफैक्‍ट नीचे आपको दिखेगा फिर एप्‍लाई टू ब्‍लॉग

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  4. इस ब्‍लॉग का लिंक मैं अपने जूनियर कौंसिल में जोड़ रहा हूं. http://jrcounsel4u.blogspot.com

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  5. उपयोगी जानकारी! आपकी अन्य जानकारी भी हिंदी में होनी चाहिए.

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