शनिवार, 3 मई 2014

संविधान पीठ के हवाले -सुप्रीम कोर्ट के सवाल-कानूनी स्थिति प्रश्न -3

प्रश्न -३ -जहाँ पर राज्य और केंद्र दोनों सरकारों को कानून में माफ़ी देने का हक़ हो वहां क्या सी.आर.पी.सी.की धारा ४३२ [७] के तहत केंद्र सरकार को प्राथमिकता दी गयी है और राज्य को बाहर कर दिया गया है ?
कानूनी स्थिति -धारा ४३२[७] कहती है -
[७] -इस धारा में और धारा ४३३ में 'समुचित सरकार '' पद से -
[क] उन दशाओं में जिनमे दंडादेश ऐसे विषय से सम्बद्ध किसी विधि के विरुद्ध अपराध के लिए है या उपधारा [६] में निर्दिष्ट आदेश ऐसे विषय से सम्बद्ध किसी विधि के अधीन पारित किया गया है ,जिस विषय पर संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार है ,केंद्रीय सरकार अभिप्रेत है ;
[२]-अन्य दशाओं में ,उस राज्य की सरकार अभिप्रेत है जिसमे अपराधी दण्डादिष्ट किया गया है या उक्त आदेश पारित किया गया है .

हनुमंतदास बनाम विनय कुमार और अन्य तथा स्टेट ऑफ़ हिमाचल प्रदेश बनाम विनय कुमार और अन्य ए.आई.आर .१९८२ एस.सी.१०५२ में उच्चतम न्यायालय ने कहा -पद ''समुचित सरकार ''से अभिप्राय उस सरकार [राज्य ]से है जिसमे अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया है ,न कि उस सरकार [राज्य] से जिसमे अपराध कारित किया गया था

और ऐसे जहाँ अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया है वहां कानून में माफ़ी देने का हक़ उसी सरकार को है जिसके कानून का विस्तार वहां है और ऐसे में केंद्र को राज्य पर कोई प्राथमिकता नहीं है .
शालिनी कौशिक
[कानूनी ज्ञान ]

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