अब महिलाओं का होगा नया संसार
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 9 सूत्रीय कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें जिम, बुटीक और डांस क्लास में महिला ट्रेनर/कर्मचारी अनिवार्य करना, सभी स्थानों पर CCTV और अनिवार्य पुलिस सत्यापन शामिल है। इन नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक और निजी स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को बनाए रखना है।
➡️ महिला आयोग के 9 प्रमुख निर्देश:
⚫ बुटीक में महिला कर्मचारी:
महिला ग्राहकों की नाप (Measurement) केवल महिला टेलर या कर्मचारी ही लेंगी।
⚫ जिम और योगा सेंटर में महिला ट्रेनर:
जिम, योगा सेंटर और नाट्य कला केंद्रों में महिला ट्रेनर या ट्रेनर की मौजूदगी अनिवार्य है।
⚫ डांस क्लास में महिला टीचर:
लड़कियों को डांस सिखाने के लिए केवल महिला टीचर ही नियुक्त की जाएंगी।
⚫ स्कूल बसों में महिला सुरक्षा:
स्कूल बसों में महिला टीचर या महिला सुरक्षाकर्मी की उपस्थिति अनिवार्य है।
⚫ ड्रेसिंग रूम में महिला अटेंडेंट:
कपड़ों की दुकानों और बुटीक के ड्रेसिंग रूम में महिला अटेंडेंट जरूरी हैं।
⚫ कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा:
लड़कियों की कोचिंग में प्राइवेट वॉशरूम और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे।
⚫ महिला स्टाफ की अनिवार्यता:
महिलाओं से संबंधित संस्थानों में महिला कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
➡️ सुरक्षा उपाय अनिवार्य-
⚫ CCTV और DVR:
सभी कोचिंग सेंटर, जिम, बुटीक, और डांस क्लास में CCTV कैमरे और DVR सिस्टम लगाना अनिवार्य है।
⚫ कर्मचारियों का सत्यापन:
इन सभी संस्थानों में काम करने वाले स्टाफ का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा।
आयोग ने इन निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव को निर्देशित किया है। महिला सुरक्षा के लिए ये निर्देश सराहनीय कहे जा सकते हैं, इसके अतिरिक्त महिला आयोग को मन्दिरों और बाजारों की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि महिलाओं और बच्चियों का वहां भी पूजा पाठ और सामान लाने के लिए काफी आवागमन रहता है और समय समय पर इन स्थानों पर भी महिलाओं और बच्चियों के साथ बदसलूकी के समाचार आते रहते हैं. ऐसे में इन स्थानों पर कम से कम महिला पुलिस की ड्यूटी अनिवार्य की जानी चाहिए.
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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