एडवोकेट /न्यायालय कर्मचारी भी नहीं कर सकते अशोक स्तम्भ DP रूप में प्रयोग
आज सोशल मीडिया का युग है. ऐसे मे WhatsApp, Facebook, Instagram आदि सोशल मीडिया अकाउंट का DP अपनी पहचान के लिए सुन्दर सजाया जाता है. ऐसे में कितने ही यूजर भारत के राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तम्भ) का प्रयोग अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर DP के रूप में कर रहे हैं जबकि भारत के राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ) का उपयोग आम नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर (DP) के रूप में नहीं किया जा सकता है। यह प्रतीक भारत सरकार की आधिकारिक मुहर है, जिसका उपयोग State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 के तहत विनियमित होता है और निजी उपयोग के लिए प्रतिबंधित है।
➡️ एडवोकेट द्वारा अशोक स्तम्भ का DP के रूप में प्रयोग -
एक एडवोकेट (वकील) के रूप में अशोक स्तंभ (राष्ट्रीय प्रतीक) को व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट (जैसे WhatsApp, Facebook, X आदि) की DP के रूप में इस्तेमाल करना गैर-कानूनी है।एडवोकेट होने के नाते आप इसे अपनी DP या विजिटिंग कार्ड पर इस्तेमाल नहीं कर सकते, क्योंकि:
⚫ निजी पहचान: सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग करने से ऐसा आभास होता है मानो आप आधिकारिक तौर पर भारत सरकार या किसी सरकारी पद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो कि सच नहीं है।
➡️ न्यायालय के कर्मचारियों द्वारा अशोक स्तम्भ का DP के रूप में प्रयोग -
न्यायालय के कर्मचारी या कोई भी अन्य अधिकारी/व्यक्ति अशोक स्तंभ (राष्ट्रीय प्रतीक) का उपयोग अपनी व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर (DP) के रूप में नहीं कर सकता है।अशोक स्तंभ का उपयोग State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 द्वारा कड़ाई से विनियमित है। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत उपयोग के लिए इसकी अनुमति नहीं है।
⚫ व्यक्तिगत क्षमता: सोशल मीडिया (जैसे WhatsApp, Facebook, Instagram या X पर DP) व्यक्तिगत क्षमता में आता है। भले ही आप सरकारी कर्मचारी हों, आप व्यक्तिगत अकाउंट्स पर इसका इस्तेमाल कर भारत सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते
➡️ महत्वपूर्ण तथ्य और नियम:
⚫ दुरुपयोग पर प्रतिबंध: State Emblem of India का उपयोग गैर-सरकारी संगठनों, वकीलों या निजी पेशेवरों द्वारा आधिकारिक मुहर या पहचान के रूप में नहीं किया जा सकता। कोई भी व्यक्ति या निजी संस्था इस प्रतीक का उपयोग आधिकारिक पत्राचार, मुहर, या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं कर सकती है।
⚫ कानूनी सजा:
इसका उपयोग अनुचित तरीके से करना National Emblem के तहत दंडनीय अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने पर The Use and Misuse of Emblems and State Symbols के अनुसार ₹5,000 तक का जुर्माना या दो साल तक की जेल (या दोनों) का प्रावधान है।
⚫ अधिकृत उपयोगकर्ता: इसका उपयोग केवल संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों (जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, आदि) द्वारा किया जा सकता है।
⚫ ऐतिहासिक महत्व: 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया यह प्रतीक शक्ति, साहस और विश्वास का प्रतीक है, जो सारनाथ के अशोक स्तंभ की अनुकृति है।इसलिए, अशोक स्तंभ का सम्मान बनाए रखने के लिए, आम नागरिकों के लिए इसे DP के रूप में उपयोग करना उचित नहीं है।
इसलिए कानून को जानते हुए अशोक स्तम्भ का इस्तेमाल अपने सोशल मीडिया अकाउंट के रूप में मत करें.
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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