मातृत्व अवकाश रोका नहीं जा सकता-इलाहाबाद हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) केवल इस आधार पर नहीं रोका जा सकता कि पहली बार मिले मातृत्व अवकाश के बाद दो वर्ष पूरे नहीं हुए हैं।...... सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020) के प्रावधान उत्तर प्रदेश फाइनेंशियल हैंडबुक के नियमों पर प्रभावी होंगे । इस प्रकार इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि दो प्रसवों (गर्भधारण) के बीच दो साल का अंतराल न होने के आधार पर महिला कर्मचारी को मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) देने से इनकार नहीं किया जा सकता है। ➡️ वाद विवरण एवं मुख्य पक्षकार (Case Details) ⚫ अदालत : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ( Allahabad High Court ) ⚫ न्यायाधीश : न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन (एकल पीठ) ⚫ मुख्य पक्षकार (याचिकाकर्ता): शिखा यादव और अन्य (कानपुर नगर की स्टाफ नर्स) ⚫ विपक्षी प्राधिकारी: चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ➡️ निर्णय के मुख्य बिंदु ⚫ दो साल की शर्त का खंडन: अदालत ने स्पष्ट किया कि यूपी वित्तीय हैंडबुक या पुराने...