सोशल मीडिया पर BCI नियमों का पालन करें एडवोकेट - चूक भारी पड़ सकती है



 देखने मे आ रहा है कि आज के सोशल मीडिया युग में एडवोकेट नाम कमाने के लिए, ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह दिखाने के लिए कि मैं बार काउंसिल मे रजिस्टर्ड एडवोकेट हूं अपने सर्टिफिकेट का प्रयोग अपने सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट्स के अकाउंट पर कर रहे हैं. जबकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों, विशेष रूप से BCI Rules (Part VI) के तहत, वकील द्वारा अपना सर्टिफिकेट, आईडी कार्ड या "एडवोकेट" स्टिकर का उपयोग सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर (DP) के रूप में करना पेशेवर नैतिकता और विज्ञापन के नियमों के अंतर्गत आता है।

BCI के निर्देशों के अनुसार, मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

➡️ विज्ञापन पर रोक (Rule 36): 

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के नियम 36 के तहत, वकील सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से अपने काम का विज्ञापन नहीं कर सकते हैं।

BCI ने बीसीआई नियमों के नियम 36, अध्याय II, भाग VI का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों को तत्काल वापस लेने की मांग की, जिसमें कहा गया:

“कोई भी वकील सीधे या परोक्ष रूप से काम नहीं मांगेगा या विज्ञापन नहीं देगा, चाहे वह सर्कुलर, विज्ञापनों, दलालों, व्यक्तिगत संचार, व्यक्तिगत संबंधों द्वारा वारंट न किए गए इंटरव्यू, समाचार पत्रों में टिप्पणियां प्रस्तुत करने या प्रेरित करने या उन मामलों के संबंध में प्रकाशित होने के लिए अपनी तस्वीरें पेश करने के माध्यम से हो, जिनमें वह शामिल रहा है या संबंधित है।”

➡️ DP के रूप में सर्टिफिकेट/ID कार्ड: 

यदि डीपी (DP) लगाने का उद्देश्य काम मांगना (soliciting work) है, तो यह अनैतिक माना जा सकता है। बार काउंसिल ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान का उपयोग करके विज्ञापन या अनैतिक प्रचार के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है।

➡️ व्यावसायिक मर्यादा:

 एडवोकेट का पेशा एक नेक पेशा माना जाता है, न कि व्यावसायिक उत्पाद। इसलिए, अपनी डिग्रियों या आईडी को इस तरह से प्रदर्शित करना जो व्यावसायिक प्रचार जैसा लगे, प्रतिबंधित है।

BCI ने 17 मार्च 2025 को प्रेस रिलीज में कहा है कि

 वकील बैनर, स्टॉल और डिजिटल विज्ञापनों के माध्यम से आत्म-प्रचार के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक या सार्वजनिक आयोजनों का लाभ उठा रहे हैं ऐसे तरीके स्पष्ट रूप से अनैतिक प्रचार का गठन करते हैं, जो पेशेवर नैतिकता और लॉ प्रैक्टिस की गरिमा का उल्लंघन करते हैं। वकीलों को न्याय और सार्वजनिक सेवा को बनाए रखना चाहिए, अरुचिकर या भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से अपनी भूमिका या सेवाओं का व्यावसायीकरण करने से पूरी तरह बचना चाहिए।"

➡️ सटीक जानकारी: 

सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल में सिर्फ "एडवोकेट" या अपनी बार काउंसिल की सदस्यता का उल्लेख करना ठीक है, लेकिन सर्टिफिकेट की फोटो लगाकर उसे प्रचारित करना, BCI के 2024-2025 के कड़े नियमों के तहत अनैतिक माना जा सकता है।BCI ने बीसीआई नियमों के नियम 36, अध्याय II, भाग VI का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों को तत्काल वापस लेने की मांग की, जिसमें कहा गया:

कोई भी वकील सीधे या परोक्ष रूप से काम नहीं मांगेगा या विज्ञापन नहीं देगा, चाहे वह सर्कुलर, विज्ञापनों, दलालों, व्यक्तिगत संचार, व्यक्तिगत संबंधों द्वारा वारंट न किए गए इंटरव्यू, समाचार पत्रों में टिप्पणियां प्रस्तुत करने या प्रेरित करने या उन मामलों के संबंध में प्रकाशित होने के लिए अपनी तस्वीरें पेश करने के माध्यम से हो, जिनमें वह शामिल रहा है या संबंधित है।”

 BCI ने जोर देकर कहा कि

" इन आदेशों का कोई भी उल्लंघन गंभीर अनुशासनात्मक उपायों की ओर ले जाएगा, जिसमें नामांकन निलंबित या रद्द करना और यहां तक ​​कि अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को रेफर करना और अनैतिक सामग्री को हटाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर औपचारिक शिकायत करना शामिल है।"

 17 मार्च 2025 के आदेश मे BCI ने अब अनिवार्य कर दिया:

1️⃣ - लॉ प्रैक्टिस के प्रचार के लिए बॉलीवुड एक्टर्स, मशहूर हस्तियों या प्रभावशाली लोगों का उपयोग करने पर प्रतिबंध।

2️⃣ - लॉ प्रैक्टिस से संबंधित बैनर, प्रचार सामग्री और डिजिटल विज्ञापनों को तुरंत हटाना।

3️⃣ - गैर-रजिस्टर्ड व्यक्तियों द्वारा भ्रामक और अनधिकृत कानूनी सलाह के प्रसार को अनिवार्य रूप से रोकना।

4️⃣ - कानूनी कार्य के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अनुरोध करने के लिए सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।

5️⃣ - डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को कानूनी सामग्री के लिए सख्त जांच तंत्र स्थापित करना चाहिए और भ्रामक जानकारी को तुरंत हटाना चाहिए।

6️⃣ - ऑनलाइन आचरण से संबंधित नैतिक प्रथाओं का पालन किया जाना चाहिए।

  एडवोकेट को अपनी सोशल मीडिया DP में अपनी पेशेवर फोटो (जैसे वकालत की पोशाक में) लगानी चाहिए, न कि अपनी Certificate of Practice (COP), Instagram या Enrollment Certificate Bar Council Of Uttar Pradesh की तस्वीर। BCI और अदालतें विज्ञापन और अनुचित प्रचार के खिलाफ बहुत सख्त हैं, और ऐसा करने पर पेशेवर कदाचार (Professional Misconduct) की कार्यवाही हो सकती है। इसके साथ ही, अपने DP मे अपने enrollment certificate, COP CERTIFICATE की फोटो लगाकर आप साइबर क्राइम को भी न्यौता दे रहे हैं जिसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी आप मेरे ब्लॉग http://cyberdigital28.blogspot.com से प्राप्त कर सकते हैं. इसलिए अपने सर्टिफिकेट को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपनी पहचान न बनाए,अपनी पेशेवर फोटो (जैसे वकालत की पोशाक में) की ही DP लगाएं, अगर आप अपने व्यवसाय के प्रति ईमानदार होंगे, अगर आप एक काबिल एडवोकेट होंगे तो आपको सोशल मीडिया प्रचार प्रसार करने की कोई आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी और तो और आपकी काबिलियत ही आपको इतना व्यस्त रखेगी कि आपको सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आने की फुर्सत ही नहीं मिलेगी. कानूनी पेशे से जुड़े हुए हैं तो कानून का पालन करें. 

धन्यवाद 🙏🙏 

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली) 


 

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