जीवन प्रमाण पत्र
जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) एक ऐसा दस्तावेज़ है जो यह प्रमाणित करता है कि पेंशनभोगी (pensioner) जीवित है। सरकारी या निजी संस्थाओं से पेंशन पाने वाले लोगों को पेंशन सुचारू रूप से जारी रखने के लिए हर साल यह प्रमाण पत्र संबंधित बैंक या विभाग में जमा करना अनिवार्य होता है।
➡️ जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ी मुख्य बातें:
⚫ क्यों है ज़रूरी: पेंशन केवल जीवित व्यक्ति को ही मिलती है। यदि कोई पेंशनर इस प्रमाण पत्र को जमा नहीं करता है, तो सरकार या विभाग द्वारा उसकी पेंशन रोक दी जाती है।
⚫ धोखाधड़ी पर रोक: यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि पेंशनर की मृत्यु के बाद कोई गलत तरीके से पेंशन की राशि न निकाल सके।
⚫ कब जमा करना होता है: आम तौर पर पेंशनरों को हर साल नवंबर या दिसंबर के महीने में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है।
➡️ इसे जमा करने के दो तरीके हैं:
⚫ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate/Jeevan Pramaan): भारत सरकार ने पेंशनरों की सुविधा के लिए 'जीवन प्रमाण' (Jeevan Pramaan) नाम की डिजिटल सेवा शुरू की है। इसके तहत पेंशनभोगी घर बैठे अपने मोबाइल के ज़रिए (फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट के माध्यम से) अपना डिजिटल प्रमाण पत्र बना और जमा सकते हैं। इसके लिए 'जीवन प्रमाण' ऐप का इस्तेमाल किया जाता है।
⚫ भौतिक या फिजिकल प्रमाण पत्र (Physical Life Certificate): पेंशनर संबंधित बैंक शाखा या पेंशन वितरण अधिकारी के सामने स्वयं उपस्थित होकर या किसी प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित फॉर्म जमा करके भी इसे ऑफलाइन सबमिट कर सकते हैं।
➡️ जीवन प्रमाणपत्र मे क्या लगता है
जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) बनवाने या जमा करने के लिए आपको मुख्य रूप से आधार कार्ड, पेंशन विवरण और एक चालू मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है. आप इसे घर बैठे मोबाइल ऐप या नजदीकी केंद्र के माध्यम से आसानी से जमा कर सकते हैं。
➡️ आवश्यक जानकारी और दस्तावेज:
⚫ आधार नंबर: पेंशनभोगी का आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर अनिवार्य है。
⚫ पेंशन विवरण: पेंशन से जुड़ी सभी जानकारी जैसे पेंशन का प्रकार, पीपीओ (PPO) नंबर, अकाउंट नंबर और पेंशन वितरण करने वाली एजेंसी या बैंक का नाम。
⚫ बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: इसके लिए फिंगरप्रिंट (उंगलियों के निशान) या आँख की पुतली (Iris) के स्कैन की आवश्यकता होती है。
➡️ जीवन प्रमाण के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस
आधार कार्ड, पेंशन ऑर्डर और बैंक से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज करें. 'OTP भेजें' चुनें, आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होगा. OTP दर्ज करें, व्यक्तियों को अपने आधार कार्ड का उपयोग करके बायोमेट्रिक जांच के माध्यम से विवरण प्रमाणित करना होगा.
➡️ प्रक्रिया के विकल्प:
⚫ मोबाइल ऐप से घर बैठे: आप अपने मोबाइल पर 'जीवन प्रमाण' ऐप और 'FaceRD' (Face Authentication) ऐप डाउनलोड करके अपना चेहरा स्कैन करके प्रमाण पत्र बना सकते हैं。
⚫ केंद्र पर जाकर: आप बायोमेट्रिक डिवाइस (फिंगरप्रिंट) की मदद लेने के लिए अपने नजदीकी बैंक, डाकघर या किसी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा सकते हैं.
➡️आयु प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें?
अपने राज्य के आधिकारिक सरकारी या प्रशासनिक पोर्टल पर जाएं। अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके पंजीकरण करें और एक उपयोगकर्ता खाता बनाएं। अपने पंजीकृत पहचान पत्रों से लॉग इन करें। आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने का विकल्प चुनें।
➡️ जीवन प्रमाण पत्र कहां जमा करना पड़ता है?
इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से बायोमेट्रिक प्रक्रिया द्वारा जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा सभी ई-मित्र सेवा केन्द्रों, डाकघरों और पेंशन विभाग के सभी कार्यालयों में भी उपलब्ध है। इस दौरान नियम के अनुसार एक विनिर्दिष्ट अधिकारी से प्रमाणित जीवन प्रमाण पत्र भी कोष/पेंशन कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
अधिक जानकारी या डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के तरीकों को विस्तार से जानने के लिए, आप जीवन प्रमाण की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं. https://jeevanpramaan.gov.in
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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